मधुमेह केटोएसिडोसिस क्या है What Is Diabetic Ketoacidosis

What Is Diabetic Ketoacidosisमधुमेह केटोएसिडोसिस (DKA) खून मे एसिड का बनना है। ऐसा तब हो सकता है जब रक्त शर्करा बहुत लंबे समय तक बहुत ज्यादा हो। मधुमेह केटोएसिडोसिस जानलेवा हो सकता है, इसे गंभीर रूप धारण करने में कई घंटे लगते हैं। इस बिमारी का इलाज किया जा सकता हैं और इसे रोका भी जा सकता हैं।

मधुमेह केटोएसिडोसिस का क्या कारण है What is the reason for diabetic

Ketoacidosis शरीर में पर्याप्त इंसुलिन नहीं होने के कारण यह आमतौर पर होता है। कोशिकाएं ऊर्जा के लिए रक्त में चीनी का उपयोग नहीं कर सकती हैं, इसलिए वे ऊर्जा के लिए वसा का उपयोग करती हैं। वसा उपयोग होने से (जलने से) कीटोन्स नामक एसिड बनता है और यदि यह प्रक्रिया कुछ समय के लिए चलती है, तो वे आपके रक्त में मिल जाती है। जिससे रक्त का रासायनिक संतुलन बदल सकता है और शरीर के पूरे सिस्टम को प्रभावित कर सकता है। टाइप 1 डायबिटीज वाले व्यक्तियों को केटोएसिडोसिस का खतरा ज्यादा होता है, क्योंकि उनके शरीर में इंसुलिन नहीं बनता है।

टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों को भी मधुमेह केटोएसिडोसिस हो सकता है, यदि किसी को टाइप 2 मधुमेह है, विशेष रूप से जब एचएचएनएस (हाइपरसोमोलर हाइपरग्लाइसेमिक नॉनकेटिक सिंड्रोम) नामक कुछ लक्षण है तो यह मधुमेह केटोएसिडोसिस का कारण बन सकता है।

चेतावनी के संकेत Warning Signs

जब आपकी रक्त शर्करा 240 मिलीग्राम / डीएल से अधिक हो या आपको उच्च रक्त शर्करा के लक्षण हों, जैसे कि मुंह शुष्क होना, प्यास ज्यादा लगना, या बहुत अधिक पेशाब आना तो अपने कीटोन्स का परीक्षण करवायें। अपना मूत्र परीक्षण भी करवा सकते हैं। कुछ ग्लूकोज मीटर कीटोन्स को भी मापते हैं। अपने ब्लड शुगर को नीचे लाने की कोशिश करें, और 30 मिनट बाद फिर से अपने कीटोन्स की जाँच करवायें।

यदि आपके कीटोन्स सामान्य नहीं हैं और आपके पास नीचे दिए गए लक्षणों में से कोई भी है, तो ऐसी स्थिति मे अपने डॉक्टर को बुलाना चाहिए या तुरंत आपातकालीन कक्ष मे जाकर ईलाज करवाना चाहिए।

  • यदि आपको बेचैनी महसूस हो रही हो या आप के पेट मे दर्द हो रहा हो।
  • आप थका हुआ, भ्रमित या परेशानी महशूश कर रहे हों।
  • यदि आपके सांसों से दुर्गंध आता है।
  • आपको सांस लेने में कठिनाई हो रही हो।

रोकथाम और उपचार Prevention and Treatment

यदि उपर्युक्त लक्षणों मे से कोई एक भी है तो आपको अस्पताल जाना पड़ सकता है। यह भी हो सकता है कि आईवी के माध्यम से इंसुलिन लेना पड़ सकता है। ता कि आपका रक्त रसायन संतुलित हो सके। केटोएसिडोसिस का इलाज नहीं करवाने वाला व्यक्ति कोमा में जा सकता हैं वो मर भी सकता हैं।

ऐसी स्थिति मे डॉक्टर इंसुलिन का डोज बदल सकता है। आपको अधिक पानी पीना चाहिए और चीनी मुक्त खाद्य पदार्थ खाना चाहिए और अल्कोहल नहीं लेना चाहिए।

रक्त शर्करा नियंत्रण करने से कीटोएसिडोसिस से बचने में मदद मिलेगा।

  • अपनी दवाइयाँ निर्देशानुसार व नियमित लें।
  • अपने रक्त शर्करा का परीक्षण नियमित रूप से करवायें।
  • भोजन को योजनानुसार ध्यान से पालन करें।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।

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